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रविवार, 2 नवंबर 2008

सुखद सूचना

यह सूचना देते हुए मुझे खुशी हॆ कि मेरे लेखों की पुस्तक 'संवाद भी विवाद भी" ग्रन्थ लोक, १०२९६, लेन नं० १, नवदुर्गा मन्दिर के पास, वॆस्ट गोरखपार्क, शाहदरा, दिल्ली - ११००३२ से हाल ही में प्रकाशित हो गई हॆ । किताबघर प्रकाशन से मेरी चुनी हुई कविताओं का संग्रह 'गेहूं घर आया हॆ' प्रकाशित होने वाला हॆ । बाकी फ़िर ।

शुभकामनाएं ।

दिविक रमेश

7 टिप्‍पणियां:

  1. दिविक रमेश जी, आप का ब्लॊग अभी देखा।
    यह आपने बहुत अच्छा किया।
    अब आप इसे रजिस्टर्ड भी करवा लें, ब्लॊगवाणी व चिट्ठाजगत् पर, ताकि पाठक वहाँ स्वत: अद्यतन होती आपकी प्रविष्टियों की जानकारी देख कर यहाँ तक आएँ।
    शुभकामनाएँ।

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  2. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  3. प्रिय दिविक जी
    आप भी इस ब्लॉग जगत से जुड़े, जानकर बेहद खुशी हुई। बहुत पहले आपसे मैंने अपनी ब्लॉग पत्रिका "वाटिका" के लिए कविताएं मांगी थीं। क्या आप अपनी 15-20 कविताएं भेंजेगें ताकि उनमें से 10 का चयन करके मैं "वाटिका" में दे सकूँ। आशा है, उत्तर देंगे।
    -सुभाष नीरव
    09810534373

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  4. Sir...main bachpan se aapki kahaniyon aur kavitawon ka pathak raha hai.Nandan ke madhyam se maine kai rachnayein padhi hain.Blog ke karan hi yah sambhav ho paya hai ki main aase sidhe -sidhe samvad kar raha hoon.
    Aaj tak maine aapki jobhi rachnayein padhi hain uske liye dhanyawad.

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  5. ब्‍लॉगजगत में आलोक
    बरपाने के लिए
    दिविक जी का
    मन से स्‍वागत है।

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  6. प्रिय सथियो
    बहुत बहुत धन्यवाद ।

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  7. प्रिय सथियो
    बहुत बहुत धन्यवाद ।
    दिविक रमेश

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